Ziyarat E Nahiya In Hindi ⇒

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"ज़ियारत-ए-नाहिया" इस्लाम के इतिहास में एक अत्यंत भावुक और महत्वपूर्ण प्रार्थना है। यह ज़ियारत इमाम-ए-ज़माना (हज़रत महदी अ.स.) से संबंधित मानी जाती है। इसमें कर्बला के मैदान में इमाम हुसैन (अ.स.) और उनके वफादार साथियों पर हुए अत्याचारों का वर्णन अत्यंत मार्मिक ढंग से किया गया है। 'नाहिया' शब्द का अर्थ है 'क्षेत्र' या 'दिशा', जो उस समय इमाम के गुप्त निवास की ओर संकेत करता था। ऐतिहासिक महत्व ziyarat e nahiya in hindi

'ऐ मेरे नाना! अगरचे ज़माने की दूरी ने मुझे आपसे दूर रखा और मैं उस दिन आपकी मदद न कर सका, लेकिन मैं सुबह और शाम आपके ग़म में रोता हूँ। और अगर मेरी आँखों के आँसू ख़त्म हो जाएँगे, तो मैं आँसुओं की जगह अपनी आँखों से ख़ून बहाऊँगा!' ziyarat e nahiya in hindi

ज़ियारत ए नाहिया को किसी भी दिन पढ़ा जा सकता है, लेकिन इसकी विशेष अनुशंसा आशूरा (मुहर्रम की 10 तारीख) के दिन की गई है। इसके पाठ करने की निम्नलिखित विधि बताई गई है: ziyarat e nahiya in hindi

ज़ियारत-ए-नाहिया के कुछ प्रमुख अंश (हिंदी अर्थ के साथ)

ज़ियारत-ए-नाहिया की मुख्य विशेषताएँ और विषय